पंजाब

पंजाब में बदलाव की नई इबारत: केजरीवाल और मान ने भरी हुंकार, कहा- ‘नशा और भ्रष्टाचार के काले दौर को हमने पीछे छोड़ा’

मुख्यमंत्री सेहत योजना की लॉन्चिंग: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के दम पर विपक्षी ‘दुकानों’ को बंद करने का दावा

मोहाली: पंजाब की सियासत में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मोहाली के विकास भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ का शुभारंभ किया। इस मंच से दोनों नेताओं ने न केवल पंजाब के लिए सौगातों का पिटारा खोला, बल्कि प्रदेश की बदहाली के लिए जिम्मेदार रही पूर्ववर्ती सरकारों पर भी कड़ा प्रहार किया।

नशे और माफिया राज पर सीधा हमला

अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में पूर्व सरकारों पर पंजाब की नींव कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “एक दौर था जब सत्ताधारी नेताओं की गाड़ियों में नशा तस्करी होती थी, लेकिन आज वह दौर बदल चुका है और दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं।” केजरीवाल ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि अगर फिर से पुरानी व्यवस्था लौटी, तो पंजाब को फिर से ‘काले दौर’ का सामना करना पड़ सकता है।

शिक्षा और स्वास्थ्य: ‘मुफ्त इलाज’ को बताया बुनियादी हक

मोहल्ला और पिंड क्लीनिक की सफलता को गिनाते हुए केजरीवाल ने कहा कि विपक्ष ने इन जनहितैषी योजनाओं को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन सरकार ने इसे हर गांव तक पहुँचाकर उनका मुँह बंद कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा और रोजगार पर जोर देते हुए कहा:

  • शिक्षा क्रांति: सरकारी स्कूलों का कायाकल्प हुआ है और छात्रों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।

  • रोजगार की बहार: बिना किसी सिफारिश के अब तक 63 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

  • पलायन पर रोक: पंजाब में विदेशी निवेश आने से युवाओं का विदेशों की ओर पलायन (Brain Drain) कम हुआ है।

“पंजाबियों ने बदल दी मार्केट, विरोधियों की दुकानें बंद”

मुख्यमंत्री मान ने अपने चिरपरिचित अंदाज में विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने ‘आप’ को मौका देकर उन नेताओं की राजनीतिक दुकानें बंद कर दी हैं जिन्होंने दशकों तक प्रदेश को लूटा। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में पंजाबियों का आशीर्वाद इस प्रदेश के लिए विकास की एक नई और बुलंद इमारत खड़ी करेगा।

चुनावी रणभेरी: सेवा बनाम राजनीति

इस कार्यक्रम को आगामी चुनावों के लिए पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। 4 साल के कार्यकाल में स्वास्थ्य, शिक्षा और पारदर्शी शासन को ढाल बनाकर ‘आप’ सरकार अब जनता के बीच अपनी पैठ और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।


खास बात: “आप की सियासत सेवा पर आधारित है, न कि व्यक्तिगत लाभ पर।” – अरविंद केजरीवाल

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